CM Yogi Ka Bada Faisla: पहले इलाहाबाद हुआ प्रयागराज, फैजाबाद हुआ अयोध्या और अब मुस्तफाबाद होगा कबीरधाम, 27 अक्टूबर को इस बात की घोषणा…
CM Yogi Ka Bada Faisla
सीएम योगी ने बड़ा फैसला किया है इस नाम परिवर्तन प्रक्रिया में यह बात है लखीमपुर खीरी में सीएम योगी एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह ऐलान करते हैं कि पहले इलाहाबाद को प्रयागराज फैजाबाद को अयोध्या और अब मुस्तफाबाद को कबीरधाम नाम दे दिया जाएगा हालांकि अभी पूरी तरह से नाम नहीं बदला है लेकिन नाम बदलने की घोषणा हो गई है और नया नाम भी दे दिया गया है और यह नाम बदलने की प्रक्रिया जो योगी जी कर रहे हैं उसको देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चीजों से जोड़ते हैंl
मुस्तफाबाद होगा कबीरधाम
मुस्तफाबाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में है अभी 27 अक्टूबर को योगी आदित्यनाथ एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह ऐलान करते हैं कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम कर दिया जाएगा लेकिन अभी पूरी तरह से नाम चेंज नहीं हुआ है लेकिन घोषणा हो गई है तो चेंज हो जाएगा क्योंकि जिस तरह से इलाहाबाद का नाम चेंज हो गया फैजाबाद का नाम चेंज हो गया और भी कई जिलों का नाम चेंज करके दूसरा किया गया है इस तरह इसका नाम भी चेंज कर दिया जाएगाl
क्यों लिया गया ये फैसला?
आज यह कोई नई बात नहीं है नाम बदलने का कार्य काफी दिनों से चलता चला आ रहा है सबसे पहले इलाहाबाद का नाम फिर फैजाबाद और भी बहुत सारे जिलों का नाम सीएम योगी जी ने अबकी बार मुस्तफाबाद जो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के जिले में है उसका नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की है उनका मानना है कि नाम बदलना देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मामलों से जुड़ा है और साथ ही उन्होंने इस स्थान का नाम चेंज करने का सबसे बड़ा कारण यह बताया कि यहां पर कोई मुस्लिम परिवार नहीं है जिस वजह से नाम परिवर्तन में कोई दिक्कत नहीं है और दूसरी चीज यह जगह सभी हिंदू परिवार से भरी हुई है इसलिए इसका नाम कबीरधाम होना चाहिएl

मुस्तफाबाद का नाम कबीरधाम ही क्यों रखा गया?
मुस्तफाबाद का नाम कबीरधाम रखने की घोषणा की गई है पहले इलाहाबाद को प्रयागराज किया गया और फैजाबाद को अयोध्या किया गया अब मुस्तफाबाद को कबीरधाम करने की पूरी कोशिश हो चुकी है और शायद नाम बदल भी जाएगा अब सबके मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इसका नाम कबीरधाम ही क्यों रखा जा रहा है तो इसका जवाब है कि वहां के लोगों का कहना है और खुद योगी जी का भी कहना है कि मुस्तफाबाद संत कबीर दास से जुड़ी जगह है और वहां पर बहुत सारे प्रतीक हैं कबीर दास के और बहुत कुछ कबीर दास से संबंध रखता है उसे जगह पर इसीलिए मुस्तफाबाद का नाम कबीरधाम ही रखने की घोषणा की गई हैl
कुछ जरूरी बाते
नाम मुस्तफाबाद से बदलकर कबीरधाम रख देने पर कुछ जरूरी बातें हैं जो हमें ध्यान में रखनी होगी जो भी उसे लखीमपुर खीरी मुस्तफाबाद से होगा तो उसे अपने सरकारी दस्तावेजों पर नाम बदलवाना पड़ेगा और बहुत सारी दस्तावेजों पर नाम मुस्तफाबाद से कबीरधाम करवाना होगा और यह फैसला सांस्कृतिक और सामाजिक हो सकता है इसलिए इसमें बहुत सारी प्रतिक्रिया आने की संभावना हैl
निष्कर्ष
हमारे देश में ज्यादातर उत्तर प्रदेश राज्य के जिलों का नाम बदल गया है जैसे इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया अब लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम किया जा रहा है और सीएम योगी की घोषणा है कि इसका नाम जल्द से जल्द बदल जाएगा और उनका यह भी कहना है कि नाम बदलने की प्रक्रिया देश के सामाजिक और सांस्कृतिक चीजों से संबंध रखती है और उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि मुस्तफाबाद में कोई भी मुस्लिम परिवार निवास नहीं करता है तब इसका नाम मुस्तफाबाद क्यों रहे इसको बदलकर कबीर धाम किया जाएगा क्योंकि यह संत कबीर से संबंध रखता हैl

